नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने पर सहमति जताई है। छात्रों की ओर से दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर अब सोमवार, 27 जुलाई को सुनवाई होगी। इन याचिकाओं में प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग को चुनौती दी गई है।
वरिष्ठ वकीलों ने उठाया मामला
यह मामला वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान और गोपाल शंकरनारायणन ने जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष उठाया। सुनवाई के दौरान गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत को बताया कि दोनों याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं और सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने उन्हें पंजीकृत भी कर लिया है। इसके बाद अदालत ने मामले को 27 जुलाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति दी।
प्रदर्शन के दौरान हुई थी झड़प
NEET पेपर लीक के विरोध में देश के कई राज्यों में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया और कई छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं।
CJI ने गलत दावों पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले दिनों यह दावा किया जा रहा था कि इस मामले में पहले ही याचिका दाखिल हो चुकी है, जबकि ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय तक अदालत में कोई औपचारिक याचिका दाखिल नहीं हुई थी, केवल एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसे रिट याचिका नहीं माना जा सकता।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने और निष्पक्ष जांच की भी मांग की जा रही है।
अब इस पूरे मामले पर सभी की नजरें 27 जुलाई को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां छात्रों की याचिकाओं पर अदालत का रुख स्पष्ट होगा।